शाब्दिक अर्थ में, ""देवताओं के शहर की लिपि।।" हिंदी, मराठी, नेपाली, तिब्बती, संस्कृत और कुछ रूपों में कोंकणी के लिखित रूपों में प्रयुक्त लिपि। ईस्वी सन् की दूसरी सहस्राब्दी में उत्तर भारत में उपयोग में रही।
शब्दावली
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शाब्दिक अर्थ में, ""देवताओं के शहर की लिपि।।" हिंदी, मराठी, नेपाली, तिब्बती, संस्कृत और कुछ रूपों में कोंकणी के लिखित रूपों में प्रयुक्त लिपि। ईस्वी सन् की दूसरी सहस्राब्दी में उत्तर भारत में उपयोग में रही।