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अब्राहम लिंकन

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परिचय

Abraham Lincoln संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास में और लोकतांत्रिक शासन की व्यापक कहानी में एक अद्वितीय स्थान रखते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति ने देश को उसके सबसे बड़े आंतरिक संकट — गृहयुद्ध — से गुज़ारा, और साथ ही मुक्ति उद्घोषणा और तेरहवें संशोधन के ज़रिये दासता के उन्मूलन की अध्यक्षता की। अप्रैल 1865 में, जब कॉन्फेडरेट आत्मसमर्पण से युद्ध प्रभावी रूप से समाप्त हुआ, उसके महज़ कुछ दिन बाद उनकी हत्या कर दी गई — और मृत्यु में वे उतने ही शक्तिशाली प्रतीक बने, जितने जीवन में थे। उनकी कहानी असाधारण आत्मनिर्माण की कहानी है: Kentucky की सीमांत भूमि पर एक लकड़ी की झोपड़ी में गरीबी में जन्मे, एक साल से भी कम औपचारिक शिक्षा के साथ, उन्होंने स्वयं कानून सीखा, राजनीति में प्रवेश किया, और तीव्र बुद्धि, राजनीतिक कौशल, नैतिक गंभीरता तथा अपने समय की जनभावना की सहज समझ के बल पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचे।

Lincoln की अध्यक्षता ने अमेरिकी गणराज्य को बदल दिया। उन्होंने छह लाख से अधिक जीवन की कीमत पर संघ को अखंड रखा। उन्होंने एक ऐसी संस्था का अंत किया जिसने दो सदियों से दक्षिणी समाज और अर्थव्यवस्था को परिभाषित किया था और देश की स्थापना के बाद से अमेरिकी लोकतंत्र को भ्रष्ट करती आई थी। उन्होंने गणराज्य के संस्थापक दस्तावेज़ों के अर्थ को नए सिरे से परिभाषित किया — Gettysburg Address और अन्य भाषणों में यह तर्क देते हुए कि स्वतंत्रता की घोषणा का यह वादा कि सभी मनुष्य समान रूप से जन्मे हैं, अमेरिकी शासन की सच्ची नींव है, और यह युद्ध उस वादे को हकीकत बनाने के लिए लड़ा जा रहा था। ऐसा करते हुए उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका को स्वतंत्रता का एक नया जन्म दिया — जैसा उन्होंने स्वयं कहा था — जो आने वाली पीढ़ियों तक देश की आत्म-समझ को आकार देता रहा।

फिर भी Lincoln एक जटिल, कभी-कभी अंतर्विरोधी व्यक्तित्व भी थे। वे कट्टर अर्थ में दासता-विरोधी नहीं थे — उनका अधिकांश राजनीतिक जीवन नई भूमियों में दासता के विस्तार का विरोध करने में बीता, न कि उन राज्यों में जहाँ यह मौजूद थी, वहाँ उसके तत्काल उन्मूलन की माँग करने में। आधुनिक मानकों पर उनके नस्लीय विचार गहरे दोषपूर्ण थे, और दासता समाप्त करने की लड़ाई लड़ते हुए भी उन्होंने नस्लीय समानता पर संदेह व्यक्त किया। बंदी प्रत्यक्षीकरण के अधिकार का निलंबन, युद्ध-विरोधी अखबारों का दमन, और कार्यकारी शक्ति का ऐसा उपयोग जिसने तत्कालीन संवैधानिक विशेषज्ञों को चिंतित किया — ये सब युद्धकाल में राष्ट्रपतीय अधिकार की सीमाओं के बारे में प्रश्न उठाते हैं जो आज तक पूरी तरह हल नहीं हुए। Lincoln को समझने के लिए उनकी वास्तविक महानता और उनकी वास्तविक सीमाओं, दोनों से रूबरू होना ज़रूरी है।

यह जीवनी Lincoln के जीवन का अनुसरण करती है — Kentucky में उनके जन्म से लेकर Indiana और Illinois में बचपन तक, स्वशिक्षा और कानून में प्रवेश तक, Illinois विधानमंडल में प्रारंभिक राजनीतिक जीवन तक, कांग्रेस में उनके एकमात्र कार्यकाल तक, 1850 के दशक में राजनीतिक वनवास के वर्षों तक, Lincoln-Douglas बहसों के ज़रिये राष्ट्रीय हस्ती के रूप में उभरने तक, राष्ट्रपति पद पर निर्वाचन तक, गृहयुद्ध के संचालन तक, दासता और पुनर्निर्माण पर उनके बदलते विचारों तक, और विजय के क्षण में हुई उनकी हत्या तक। यह एक ऐसे इंसान की कहानी है जो अपने ऊपर आई माँगों के साथ नैतिक कद में बढ़ता गया — जो अधिकांश इतिहासकारों और अमेरिकियों के निर्णय में देश का अब तक का सबसे महान राष्ट्रपति बना।

Kentucky में सीमांत बचपन

Abraham Lincoln का जन्म 12 फरवरी 1809 को Hardin County, Kentucky के Hodgenville के निकट Sinking Spring Farm पर एक कमरे वाली लकड़ी की झोपड़ी में हुआ था। उनके पिता Thomas Lincoln एक साधारण किसान और बढ़ई थे, जो स्वयं Virginia में जन्मे थे और बचपन में Kentucky आ गए थे। उनकी माँ Nancy Hanks Lincoln अनिश्चित मूल की महिला थीं, जिनकी नाजायज़ पैदाइश शर्म का विषय थी, जिसका Lincoln ने बाद के जीवन में केवल परोक्ष रूप से उल्लेख किया। दोनों माता-पिता अनपढ़ थे या लगभग अनपढ़, हालाँकि Thomas Lincoln अपना नाम लिख सकते थे और थोड़ा-बहुत पढ़ सकते थे। वे एक Baptist मंडली — Little Mount Separate Baptist Church — के सदस्य थे, जिसका धर्मशास्त्र पूर्वनियति और ईश्वरीय इच्छा की सर्वोच्चता पर बल देता था।

Lincoln परिवार के Kentucky के वर्ष ज़मीन के स्वामित्व को लेकर कानूनी विवादों से भरे रहे — राज्य के प्रारंभिक बसावट में यह एक पुरानी समस्या थी। Thomas Lincoln ने एक के बाद एक तीन खेत प्रतिस्पर्धी दावों और कानूनी चुनौतियों में खो दिए। इसी अस्थिरता ने 1816 में परिवार को Ohio नदी पार करके Indiana जाने का निर्णय करने पर मजबूर किया, जब Abraham सात वर्ष के थे। Indiana को संघीय भूमि अध्यादेश के अंतर्गत सर्वेक्षण किया गया था और वहाँ ज़मीन का स्वामित्व ज़्यादा स्पष्ट था; इसके अलावा, Northwest Ordinance की शर्तों के अनुसार यह स्वतंत्र क्षेत्र था जहाँ दासता निषिद्ध थी। Thomas Lincoln ने यह कदम आर्थिक कारणों से उठाया या दासता-विरोधी भावना से — वे एक Baptist मंडली के सदस्य थे जो दासता का विरोध करती थी — यह ऐतिहासिक बहस का विषय है।

1816 की शरद ऋतु में Lincoln परिवार जिस Indiana में आया, वह सीमांत जंगल था। Thomas Lincoln ने पहली सर्दी के लिए एक कच्चा अर्ध-खुला शिविर आश्रय बनाया — तीन तरफ लकड़ी की दीवारें, एक तरफ आग की ओर खुला — और अगले साल एक पक्का कमरा बनाया। परिवार उस जगह बसा जो अब राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में Spencer County है, उस ज़मीन पर जो Thomas ने संघीय सरकार से खरीदी थी। पड़ोसी कम और दूर-दूर थे, जंगल घना था, और ज़मीन साफ करके खेत बसाने का काम थकाने वाला और अंतहीन था।

युवा Abraham एक लंबे-तगड़े लड़के थे जिन्हें लगभग उसी समय से कुल्हाड़ी से काम पर लगाया जाने लगा जब वे उसे उठा सकते थे। लकड़ी काटना-चीरना, झाड़ियाँ साफ करना, बोना और काटना — सीमांत खेती के शारीरिक परिश्रम ने उनके जागते घंटों का अधिकांश हिस्सा भर दिया। वे पहले से ही अपनी उम्र के हिसाब से असाधारण रूप से लंबे थे, और भारी काम के वर्षों ने उन्हें असाधारण रूप से बलशाली बना दिया। वे उन पुरुषों से भी ज़्यादा ताकत से कुल्हाड़ी चला सकते थे जो उनसे कई साल बड़े थे। इन्हीं वर्षों में उन्होंने कहानी सुनाने का वह हुनर और हास्य का वह वरदान भी विकसित किया जो जीवन भर उनकी पहचान बने रहे। पड़ोसियों को याद था कि वे एक ऐसे लड़के थे जो किसी कहानी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देते थे — उनकी लंबी बाहें जोर देने के लिए लहराती, चेहरा जीवंत और भाव-भरा।

Lincoln के बचपन की परिभाषित त्रासदी 1818 की शरद ऋतु में आई, जब "दूध बुखार" — एक बीमारी जो उन गायों का दूध पीने से होती थी जिन्होंने white snakeroot पौधा खाया हो — की महामारी ने पूरे समुदाय को चपेट में ले लिया। Lincoln की माँ Nancy अक्टूबर 1818 में बीमार पड़ीं और चल बसीं, जब Abraham नौ वर्ष के थे। वे चौंतीस वर्ष की थीं। Lincoln ने बाद में अपनी माँ की मृत्यु को अपने बचपन की सबसे महत्त्वपूर्ण घटना बताया, हालाँकि उन्होंने इसका उल्लेख कभी-कभार ही किया। उन्होंने और उनकी दो साल बड़ी बहन Sarah ने Thomas को Nancy का शव अंतिम संस्कार के लिए तैयार करने में मदद की और उनका लकड़ी का कब्र का पत्थर बनाया।

पत्नी की मृत्यु पर Thomas Lincoln की प्रतिक्रिया व्यावहारिक थी: उन्हें बच्चों के लिए एक नई पत्नी और घर की देखभाल करने वाली की ज़रूरत थी। दिसंबर 1819 में वे वापस Kentucky गए और Sarah Bush Johnston नाम की एक विधवा को लेकर लौटे, जिन्हें वे Nancy Hanks से विवाह से पहले से जानते थे। Sarah Bush Lincoln, जैसा कि वे बन गईं, एक गर्मजोश और काबिल महिला थीं जो अपने तीन बच्चों को मिले-जुले परिवार में लाईं और Abraham और Sarah के साथ अपने बच्चों जैसा व्यवहार किया। वे फर्नीचर और घरेलू सामान भी लाईं जो परिवार की भौतिक परिस्थितियों में एक उल्लेखनीय सुधार था। Abraham और उनकी सौतेली माँ के बीच का रिश्ता गहरे आपसी स्नेह का था जो उनके जीवन भर बना रहा।

Indiana में बचपन और स्वशिक्षा

1816 से 1830 तक के Indiana के वर्ष उन तरीकों से निर्मायक थे जो सीमांत खेती के शारीरिक परिश्रम से परे थे। ये वे वर्ष थे जिनमें Lincoln एक पाठक, एक विचारक, और असाधारण बौद्धिक महत्त्वाकांक्षा वाले व्यक्ति बने। उनकी औपचारिक शिक्षा अत्यंत सीमित थी — उनके अपने बाद के बयान के अनुसार, यह कुल मिलाकर एक वर्ष से भी कम थी, जो विभिन्न subscription schools में बिखरी हुई थी जहाँ घुमंतू शिक्षक बुनियादी शिक्षा देते थे। उन्होंने पढ़ना, लिखना और साधारण अंकगणित सीखा — यही उनकी औपचारिक शिक्षा का सार था।

औपचारिक शिक्षा की जगह Lincoln के पास किताबों की अतृप्त भूख और अद्भुत स्मृति थी। Indiana की सीमांत भूमि पर किताबें दुर्लभ थीं, और Lincoln ने पड़ोसियों, शिक्षकों और यात्रियों से जो भी मिली, उधार लीं। वे दिन का काम निपटाकर आग की रोशनी में उन्हें पढ़ते, और बार-बार पढ़ते जब तक उनकी सामग्री पूरी तरह आत्मसात न हो जाती। King James Bible और William Shakespeare की रचनाएँ वे दो ग्रंथ थे जिन्होंने उनकी गद्य-शैली और सोच को सबसे गहराई से आकार दिया। दोनों उनके भाषणों और पत्रों में प्रत्यक्ष उद्धरण और लय-तान की सूक्ष्म प्रतिध्वनियों के रूप में सर्वत्र मिलते हैं। उन्होंने Aesop's Fables, John Bunyan की Pilgrim's Progress, Mason Weems की George Washington की जीवनी, और Robinson Crusoe भी पढ़ी। इनमें से हर एक ने उनकी सोच और लेखन पर पहचाने जाने योग्य निशान छोड़े।

Mason Weems की Washington की जीवनी विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण थी। Weems का स्तुतिपरक विवरण — संस्थापक पीढ़ी की, Washington के चेरी के पेड़ और सद्गुण के अन्य प्रदर्शनों की प्रसिद्ध कहानियों के साथ — ने Lincoln को राष्ट्रीय महानता की एक सशक्त छवि दी: वह कैसी दिखती है और उसे हासिल करने के लिए किस तरह के लोगों की ज़रूरत होती है। Lincoln ने पुस्तक को उस पड़ोसी को लौटाने से पहले कई दिन अपने पास रखा जिससे उधार ली थी, और उन्हें बताया कि उन्होंने इसे दो बार पढ़ा। पड़ोसी ने देखा कि किताब पानी से खराब हो गई थी — शायद बारिश के दौरान खिड़की के पास रह गई थी — और Lincoln ने तीन दिन घास खींचकर यह कर्ज़ चुकाने पर ज़ोर दिया।

Indiana के वर्षों में Lincoln की पहुँच कई अमेरिकी राजनीतिक वक्ताओं और लेखकों की रचनाओं तक भी थी। उन्होंने Henry Clay के भाषण पढ़े, जिनकी Whig राजनीतिक दर्शन उनकी अपनी सोच को गहराई से प्रभावित करती; और उन्होंने स्वतंत्रता की घोषणा और संविधान से परिचय प्राप्त किया। स्वतंत्रता की घोषणा — जिसमें घोषणा थी कि सभी मनुष्य समान रूप से जन्मे हैं और अहरणीय अधिकारों से संपन्न हैं — ने उन पर गहरी छाप छोड़ी जिस पर वे अपने पूरे राजनीतिक जीवन में बार-बार लौटे। वे घोषणा को महज़ एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि एक सतत नैतिक प्रतिबद्धता मानने लगे — एक वादा जिसे पूरा करना गणराज्य का दायित्व था।

Lincoln की बहन Sarah जनवरी 1828 में प्रसव के दौरान चल बसीं, जो उनके लिए गहरे दुख का क्षण था। वे उन्नीस वर्ष के थे, और दोनों भाई-बहन माँ की मृत्यु के बाद के कठिन वर्षों में घनिष्ठ साथी रहे थे। Sarah की मृत्यु ने Lincoln को उनके पढ़ने और मनन में और अधिक एकाकी बना दिया। समुदाय में वे असाधारण प्रतिभा के युवा माने जाते थे — एक अद्भुत किस्सागो जो अपने हास्य और बुद्धि से किसी भी सभा पर छा जाते — लेकिन साथ ही ऐसे इंसान भी जो मन में कहीं और ही रहते थे, उन विचारों और महत्त्वाकांक्षाओं का पीछा करते जिन्हें सीमांत समुदाय पूरी तरह पूरा नहीं कर सकता था।

1828 में उनका दासता से पहला सीधा सामना हुआ। वे और एक पड़ोसी के बेटे ने Ohio और Mississippi नदियों से होते हुए New Orleans तक एक नाव से यात्रा की, बाज़ार में बेचने के लिए खेती का सामान लेकर। New Orleans देश के सबसे बड़े दास बाज़ारों में से एक था, और Lincoln ने संस्था को उसके सबसे व्यावसायिक और क्रूर रूप में देखा: दास लोगों की मवेशियों की तरह जाँच और बिक्री, परिवारों का अलगाव, इंसानों को संपत्ति में बदला जाना। यात्रा के उनके बाद के विवरण विरल हैं, और निश्चित रूप से नहीं जाना जा सकता कि उन्होंने क्या सोचा या महसूस किया। लेकिन इस अनुभव ने स्पष्ट रूप से एक छाप छोड़ी। उनके कानूनी साझेदार William Herndon ने बाद में बताया कि Lincoln ने उन्हें कहा था कि इस यात्रा में उन्होंने दासता देखी और "यह बात उन्हें गहरे तक हिला गई।"

Illinois में आना और प्रारंभिक वयस्कता

1830 के वसंत में Thomas Lincoln ने परिवार को फिर से स्थानांतरित करने का निर्णय लिया, इस बार Macon County, Illinois। Abraham, जो अब इक्कीस वर्ष के थे, ने अपने पिता को नए खेत में बसने में मदद की और एक साल वहाँ बिताया, लेकिन उनका सीमांत किसान बने रहने का कोई इरादा नहीं था। वे अब एक बड़े हो चुके इंसान थे, कानूनी रूप से अपने पिता के किसी भी दायित्व से मुक्त, और वे कुछ अलग चाहते थे — हालाँकि अभी वे निश्चित नहीं थे कि क्या।

उनका अवसर 1830-31 की सर्दियों में आया, जब Denton Offutt नाम के एक व्यापारी ने उन्हें Sangamon नदी के रास्ते New Salem, Illinois, और फिर New Orleans तक माल से लदी नाव ले जाने के लिए काम पर रखा। Lincoln और दो चचेरे भाइयों ने यह काम पूरा किया। लौटने पर Offutt ने उन्हें New Salem में एक दुकान संभालने की पेशकश की। Lincoln ने स्वीकार कर लिया। वे 1831 की गर्मियों में New Salem के छोटे से सीमांत गाँव में आए और अगले छह साल वहाँ बिताए — एक ऐसा दौर जो उनके जीवन की दिशा तय कर देगा।

New Salem, जिसकी आबादी अपने चरम पर करीब सौ लोगों की थी, किसी ठीक-ठाक शहर से ज़्यादा लकड़ी की इमारतों का एक जमावड़ा था। वहाँ एक चक्की, एक सराय, कई दुकानें, और सीमांत बस्ती की पहचान वाले कारीगरों और किसानों का सामान्य जमाव था। Lincoln ने दुकान में काम किया, चक्की संभाली, डाकिये का काम किया, और बाद में सर्वेक्षक का। उन्होंने स्वयं कानून का भी अध्ययन किया — कानूनी किताबें उधार लेकर या जुगाड़ करके उन्हें उसी तीव्रता से पढ़ा जो वे बचपन से हर किताब के साथ लाते थे।

उन्होंने कुश्ती भी लड़ी। New Salem में उनका सामना Clary's Grove Boys से हुआ — आसपास के इलाके के खुरदुरे युवाओं का एक गिरोह जो शारीरिक धमकाबाज़ी से स्थानीय सामाजिक जीवन पर हावी था। उनका मुखिया Jack Armstrong नाम का आदमी था, जिसने Lincoln को कुश्ती के लिए ललकारा। यह मुकाबला Lincoln की जीवनी में दंतकथा बन गया। असाधारण बलशाली और कुशल Lincoln के बारे में व्यापक रूप से माना जाता था कि वे या तो जीते या कम से कम Armstrong को बराबरी पर रोका। नतीजा यह हुआ कि Lincoln ने Clary's Grove Boys का सम्मान जीत लिया, जो उनके वफादार समर्थक और सहयोगी बन गए। यह प्रसंग Lincoln के चरित्र के बारे में एक महत्त्वपूर्ण बात उजागर करता है: वे शारीरिक हो या कोई और, किसी भी चुनौती के सामने कभी कायर नहीं थे।

1832 के वसंत में, जब Lincoln तेईस वर्ष के थे, Illinois में Black Hawk युद्ध छिड़ गया। Black Hawk एक Sauk नेता थे जो Iowa से अपने अनुयायियों के एक दल के साथ Mississippi नदी पार करके Illinois में वापस आए थे, उन संधि अधिकारों का दावा करते हुए जिन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार मानने से इनकार करती थी। Illinois के गवर्नर ने मिलिशिया स्वयंसेवकों की माँग की, और Lincoln ने भर्ती ली। उन्हें लोकप्रिय मत से अपनी मिलिशिया कंपनी का कप्तान चुना गया — पहला चुनाव जो उन्होंने कभी जीता, और जिसके बारे में उन्होंने बाद में कहा कि इसने उन्हें किसी और से ज़्यादा संतोष दिया। उनकी कंपनी ने कोई वास्तविक युद्ध नहीं देखा; Black Hawk को पराजित कर दिया गया और युद्ध समाप्त हो गया इससे पहले कि वे लड़ाई तक पहुँचते। लेकिन इस अनुभव ने Lincoln को सैन्य नेतृत्व का पहला स्वाद दिया और राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों के साथ पहला लंबा परिचय।

उन्होंने 1832 में पहली बार राजनीतिक पद के लिए चुनाव भी लड़ा, Illinois General Assembly में सीट के लिए। वे तेरह उम्मीदवारों में से आठवें स्थान पर रहे — हार गए। अपने राजनीतिक जीवन में 1858 तक यह उनकी एकमात्र सीधी चुनावी हार थी, जब वे Senate की दौड़ में Stephen Douglas से हार गए। हार के बावजूद, New Salem में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था — वहाँ डाले गए 300 में से 277 मत पाए, जो इस बात का प्रमाण था कि उन्होंने समुदाय का सम्मान कितनी पूरी तरह जीत लिया था।

कानून और राजनीति में प्रवेश

Lincoln 1834, 1836, 1838, और 1840 में Illinois General Assembly के लिए चुने गए और राज्य विधानमंडल में लगातार चार दो-वर्षीय कार्यकाल बिताए। वे Whig पार्टी से थे, Henry Clay के राजनीतिक दर्शन के हमनवा — जिनकी American System — आंतरिक सुधार, एक राष्ट्रीय बैंक, और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षात्मक शुल्क का कार्यक्रम — Lincoln को पसंद थी। वे एक उत्पादक और प्रभावी विधायक थे जिन्होंने जल्दी ही अन्य सदस्यों के साथ काम करने, मुश्किल समस्याओं का व्यावहारिक हल निकालने, और घंटों तक श्रोताओं को जकड़े रखने वाला प्रचंड चुनावी भाषण देने की प्रतिष्ठा अर्जित की।

इन विधायी वर्षों में Lincoln ने अपनी कानूनी शिक्षा को भी व्यवस्थित तीव्रता से आगे बढ़ाया। उन्होंने Blackstone's Commentaries on the Laws of England — उन्नीसवीं सदी की अमेरिकी कानूनी शिक्षा का आधारभूत ग्रंथ — की एक प्रति हासिल की और उसे पहले पन्ने से आखिरी तक पढ़ा। उन्होंने Blackstone को Illinois के कानूनों, कानूनी मतों, और जो भी अन्य कानूनी ग्रंथ मिल सके, उनसे पूरक किया। उन्होंने अदालती सत्रों में बैठकर अनुभवी वकीलों को बहस करते देखकर अभ्यास किया। सितंबर 1836 में उन्हें बार में दाखिल किया गया और उन्होंने एक कानूनी अभ्यास शुरू किया जो राष्ट्रपति-पूर्व जीवन में उनकी आय का प्रमुख स्रोत रहा।

1837 में वे Springfield चले गए, जिसे अभी-अभी Illinois की नई राजधानी घोषित किया गया था — आंशिक रूप से Lincoln की अपनी विधायी जोड़-तोड़ से। Springfield उनके राष्ट्रपति-पूर्व शेष जीवन का घर बना। वे John Todd Stuart के कानूनी साझेदार बने, जो राज्य के सबसे सम्मानित वकीलों में थे, और जल्दी ही यह साबित कर दिया कि उनमें बार में सफल होने की क्षमता है। वे विशेष रूप से जूरी वकील के रूप में प्रभावी थे — जटिल मुद्दों को सरल भाषा में समझाने, किसी मामले की जड़ पकड़ने और उसे स्पष्टता और दृढ़ विश्वास के साथ प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता ने उन्हें आम जूरी के सामने दुर्जेय बना दिया। वे अपनी ईमानदारी के लिए भी जाने जाते थे। वे ऐसे मामले नहीं लेते थे जिन्हें वे बेईमान मानते, और मुवक्किलों को सीधे बताने के लिए मशहूर थे जब उनके विचार में वे गलत थे।

Springfield में उनका निजी जीवन उतार-चढ़ाव भरा और कभी-कभी दर्दनाक रहा। New Salem में Ann Rutledge नाम की एक युवती के साथ शायद उनका एक सच्चा प्रेम-संबंध रहा, जिनकी 1835 में टाइफाइड से मृत्यु ने उन्हें उस अवस्था में छोड़ा जिसे देखने वालों ने लंबे समय तक चली उदासी बताया। Rutledge के साथ रोमांटिक संबंध का ऐतिहासिक प्रमाण विवादित है, और इसे मुख्य रूप से Lincoln के कानूनी साझेदार Herndon ने उनकी मृत्यु के बाद प्रचारित किया। लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि Lincoln गहरे अवसाद के दौरों से ग्रस्त थे — जिसे वे स्वयं hypo कहते थे, hypochondria का संक्षिप्त रूप, जो उदासी या अवसाद का उन्नीसवीं सदी का शब्द था — और ये दौरे उन्हें काम करने में असमर्थ करने की हद तक गंभीर हो सकते थे।

Mary Todd के साथ उनकी प्रेम-कहानी — जिन महिला से उन्होंने अंततः विवाह किया — एक नाटकीय प्रसंग से चिह्नित थी जब उन्होंने जनवरी 1841 में सगाई तोड़ दी और खुद को अपने सबसे बुरे अवसाद के दौरों में से एक में डुबो दिया। वे उबरे, सगाई फिर से हुई, और नवंबर 1842 में उनका विवाह हुआ। Mary Todd Lincoln एक जटिल महिला थीं: सुशिक्षित, राजनीतिक रूप से चतुर, सामाजिक महत्त्वाकांक्षी, और भावनात्मक रूप से अस्थिर। उनका विवाह कई महत्त्वपूर्ण मायनों में सच्ची साझेदारी था, लेकिन अक्सर कठिन भी, उनकी भावनात्मक अस्थिरता और Lincoln की कानूनी दौरों पर लंबी अनुपस्थितियों से घिरा।

कांग्रेसी और राजनीतिक वनवास

Lincoln ने 1847 से 1849 तक संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में एकमात्र कार्यकाल सेवा की, Illinois के सातवें Congressional District का प्रतिनिधित्व करते हुए। उन्होंने चुनाव से पहले ही केवल एक कार्यकाल करने पर सहमति दे दी थी, Whig परंपरा के अनुसार जो पार्टी सदस्यों के बीच सीट का रोटेशन करती थी। उनका एकमात्र कार्यकाल मुख्यतः दो चीज़ों के लिए उल्लेखनीय था: मेक्सिको-अमेरिका युद्ध का लगातार विरोध और तथाकथित spot resolutions का परिचय।

मेक्सिको-अमेरिका युद्ध, जो 1846 में राष्ट्रपति James Polk के अधीन शुरू हुआ, Polk ने अमेरिकी ज़मीन पर मेक्सिकन आक्रमण की प्रतिक्रिया के रूप में उचित ठहराया था। Lincoln ने इस औचित्य को चुनौती दी, Polk से माँग की कि वे उस सटीक स्थान की पहचान करें जहाँ अमेरिकी ज़मीन पर पहला खून बहा था। उन्होंने तर्क दिया कि विचाराधीन स्थान विवादित भूमि पर था, न कि निर्विवाद रूप से अमेरिकी ज़मीन पर, और इसलिए Polk ने कांग्रेस और देश को गुमराह किया था। spot resolutions ने Lincoln को संक्षेप में बदनाम किया — Illinois के अखबारों ने उन्हें "Spotty Lincoln" कहा — लेकिन युद्ध का उनका विरोध युद्ध नीति के ढाँचे में कार्यकारी छल को लेकर एक सैद्धांतिक चिंता को प्रतिबिंबित करता था, जिसकी गूँज बाद में अन्य युद्धों के आलोचकों में भी सुनाई दी।

उनका कांग्रेसी कार्यकाल अन्यथा साधारण रहा, और वे 1849 में अपनी कानूनी प्रैक्टिस फिर से शुरू करने के लिए Springfield लौट गए। अगले पाँच वर्षों के लिए Lincoln ने राजनीति से बड़े पैमाने पर किनारा कर लिया। उन्होंने अपनी कानूनी प्रैक्टिस को Illinois की सबसे सफल प्रैक्टिसों में से एक में बदल लिया, राज्य के मध्य भाग में Eighth Judicial Circuit पर सवारी करते हुए, पूरे क्षेत्र में ज़िला मुख्यालयों में मुकदमे लड़ते हुए। वे एक रेलवे वकील बन गए, Illinois Central Railroad और अन्य कॉर्पोरेट मुवक्किलों का प्रतिनिधित्व करते हुए ऐसे मामलों में जिनका राज्य के आर्थिक विकास पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव था। वे इस काम में निपुण थे और यह अच्छा पैसा देता था, जिससे परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिली।

1854 में Kansas-Nebraska Act के पारित होने ने Lincoln को उनके राजनीतिक वनवास से बाहर खींच लिया। यह अधिनियम, जिसका प्रचंड समर्थन Illinois के सीनेटर Stephen Douglas ने किया था, 1820 के Missouri Compromise को रद्द करता था और popular sovereignty के सिद्धांत के माध्यम से Kansas और Nebraska प्रांतों में दासता की संभावना खोलता था — यह विचार कि किसी प्रांत के निवासी स्वयं तय करें कि दासता को अनुमति देनी है या नहीं। यह उस सिद्धांत पर सीधा हमला था जिसे Lincoln तय मानते थे: कि दासता उन राज्यों तक सीमित रहेगी जहाँ वह मौजूद है और धीरे-धीरे मिट जाएगी। Kansas-Nebraska Act ने बजाय इसके महाद्वीप भर में दासता के संभावित अनंत विस्तार का दरवाज़ा खोल दिया।

Lincoln की प्रतिक्रिया अब तक का उनका सबसे महत्त्वपूर्ण भाषण थी। अक्टूबर 1854 में उन्होंने Peoria में एक लंबा, सुविचारित भाषण दिया जिसमें Kansas-Nebraska Act के प्रति अपना विरोध और अमेरिकी इतिहास और सरकार में दासता के स्थान की अपनी समझ रखी। Peoria भाषण एक दासता-विरोधी दस्तावेज़ नहीं था — Lincoln ने सावधानी से स्वीकार किया कि उन राज्यों में जहाँ दासता मौजूद थी, वहाँ उसे संवैधानिक संरक्षण प्राप्त था, और उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि उन राज्यों में दासता के बारे में व्यावहारिक रूप से क्या किया जा सकता है। लेकिन उन्होंने महान नैतिक शक्ति के साथ तर्क दिया कि दासता गलत है, उसका विस्तार गणराज्य के संस्थापक आदर्शों के साथ विश्वासघात है, और राष्ट्र का दायित्व है कि वह उसे सीमित करे और उसे अंतिम विनाश के मार्ग पर ले जाए।

Lincoln-Douglas बहसें

रिपब्लिकन पार्टी, जो 1854 में दासता-विरोधी Whigs, Free Soilers, और Kansas-Nebraska Act का विरोध करने वाले anti-Nebraska Democrats के गठबंधन से बनी थी, Lincoln का नया राजनीतिक घर बनी। उन्होंने Illinois में रिपब्लिकन पार्टी बनाने में सक्रिय रूप से काम किया — भाषण देकर, उम्मीदवारों की भर्ती करके, और खुद को राज्य संगठन के नेता के रूप में स्थापित करके। 1858 में उन्हें Stephen Douglas की ओर से संयुक्त राज्य अमेरिका की Senate सीट के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार चुना गया।

Lincoln और Douglas के बीच Senate अभियान ने अमेरिकी इतिहास में राजनीतिक बहसों की सबसे प्रसिद्ध श्रृंखला को जन्म दिया। दोनों व्यक्ति Illinois भर में सात आमने-सामने की मुठभेड़ों में मिले, दासता, popular sovereignty, प्रांतों के भविष्य, और अमेरिकी लोकतंत्र के अर्थ पर विशाल भीड़ के सामने बहस करते हुए। ये बहसें देश भर के अखबारों में छपीं और Illinois से बहुत आगे के पाठकों ने पढ़ीं।

Douglas राष्ट्र के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक हस्तियों में से एक थे — अपनी पीढ़ी के अग्रणी Democrat, popular sovereignty के वास्तुकार, एक तेज़ बहसकार और दमदार प्रचारक। Lincoln Illinois के बाहर ज़्यादा जाने-पहचाने नहीं थे। इन बहसों ने उन्हें राष्ट्रीय मंच दिया और यह साबित किया कि वे युग के सबसे कुशल राजनेताओं के सामने अपनी बराबरी बनाए रख सकते थे।

बहसों को परिभाषित करने वाला केंद्रीय विनिमय Freeport में हुआ, जहाँ Lincoln ने Douglas से एक ऐसा प्रश्न पूछा जो उन्हें असंभव दुविधा में डालने के लिए बना था। यदि सर्वोच्च न्यायालय ने Dred Scott के निर्णय में यह घोषित किया था कि कांग्रेस प्रांतों में दासता पर रोक नहीं लगा सकती, तो क्या किसी प्रांत के निवासी फिर भी अपने स्वयं के कानून बनाकर दासता को बाहर कर सकते हैं? Douglas ने जवाब दिया कि वे कर सकते हैं, उन स्थानीय पुलिस विनियमों को पारित करने से इनकार करके जो दासता के कार्य करने के लिए ज़रूरी हैं। यह Freeport Doctrine के नाम से जाना गया, और हालाँकि इसने Douglas को Illinois Senate की दौड़ जीतने में मदद की, लेकिन इसने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर दक्षिणी Democrats में कमज़ोर किया जो यह स्वीकार नहीं करते थे कि popular sovereignty दासता को बाहर करने के लिए उपयोग की जा सकती है।

Lincoln Senate की दौड़ हार गए — उस युग में, सीनेटर राज्य विधानमंडलों द्वारा चुने जाते थे, और Democrats ने Douglas को चुनने के लिए पर्याप्त सीटें बनाए रखीं। लेकिन इन बहसों ने Lincoln की राष्ट्रीय प्रतिष्ठा बनाई, और बहसों के ग्रंथ, पुस्तिका के रूप में प्रकाशित, देश भर में व्यापक रूप से फैले। जिन राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने उन्हें पढ़ा उन्होंने माना कि Lincoln असाधारण बौद्धिक शक्ति और नैतिक स्पष्टता वाले व्यक्ति हैं जो दासता के मुद्दे पर उस बल और सटीकता के साथ बोल सकते हैं जो कम ही राजनेताओं में थी।

राष्ट्रपति पद तक उनका उदय

1860 में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी तक Lincoln का रास्ता सरल नहीं था। वे सबसे आगे के दावेदार नहीं थे — New York के William H. Seward को व्यापक रूप से प्रमुख उम्मीदवार माना जाता था। लेकिन Lincoln Douglas के साथ बहसों के बाद से अपनी राष्ट्रीय प्रतिष्ठा सावधानी से बनाते रहे थे, कई राज्यों में महत्त्वपूर्ण भाषण देते हुए, जिनमें फरवरी 1860 में New York City में प्रसिद्ध Cooper Union भाषण भी शामिल था।

Cooper Union भाषण शायद राष्ट्रपति पद से पहले उनका सबसे महत्त्वपूर्ण भाषण था। यह एक विस्तृत कानूनी और ऐतिहासिक तर्क था जो यह साबित करता था कि संस्थापक पीढ़ी — संविधान पर हस्ताक्षर करने वालों और पहली कांग्रेसों में सेवा करने वालों — ने यह समझा था कि संघीय सरकार को प्रांतों में दासता को नियंत्रित करने का अधिकार है। Lincoln ने Constitutional Convention और प्रारंभिक कांग्रेसों के रिकॉर्ड को सूक्ष्मता से देखा, यह दिखाते हुए कि उन 39 में से 39 निर्माताओं ने जिन्होंने इस प्रश्न पर पद ग्रहण किया था, सहमति जताई थी कि कांग्रेस के पास यह अधिकार है। यह भाषण ऐतिहासिक तर्क का एक कमाल था, जो राजनीतिक विमर्श में दुर्लभ प्रकार की निरंतर विश्लेषणात्मक सोच में Lincoln की क्षमता को प्रदर्शित करता था।

मई 1860 में Chicago में Republican National Convention में Lincoln ने तीसरे मतपत्र पर उम्मीदवारी हासिल की। उनके प्रबंधकों ने उन्हें पार्टी के सभी गुटों के लिए स्वीकार्य बना दिया था — दासता के विस्तार के प्रति उनका विरोध दासता-विरोधी धड़े को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त स्पष्ट था, जबकि मौजूदा दास राज्यों में उन्मूलन के प्रश्न पर उनका संयम उन्हें रूढ़िवादियों के लिए स्वीकार्य बनाता था। उनकी पश्चिमी पहचान ने उन्हें प्रमुख swing राज्यों में भी आकर्षक बनाया।

1860 का राष्ट्रपति चुनाव चार उम्मीदवारों के बीच लड़ा गया: Republicans की ओर से Lincoln, उत्तरी Democrats की ओर से Douglas, दासता पर पार्टी से अलग हो चुके दक्षिणी Democrats की ओर से John C. Breckinridge, और Constitutional Union Party की ओर से John Bell। Democratic Party में विभाजन ने रिपब्लिकन जीत लगभग तय कर दी। Lincoln ने Electoral College में स्पष्ट बहुमत जीता, हालाँकि उन्हें कुल मतों का चालीस प्रतिशत से कम मिला और वे केवल एक दक्षिणी राज्य में मतपत्र पर थे।

दक्षिण की प्रतिक्रिया तत्काल और चरम थी। South Carolina दिसंबर 1860 में संघ से अलग हो गया, इससे पहले कि Lincoln ने पद भी संभाला हो। जनवरी और फरवरी 1861 में छह और दक्षिणी राज्य तेज़ी से पीछे-पीछे अलग हो गए। जब Lincoln ने 4 मार्च 1861 को पद ग्रहण किया, सात राज्य पहले ही संघ छोड़ चुके थे और Jefferson Davis के नेतृत्व में Confederate States of America का गठन कर रहे थे।

Fort Sumter और युद्ध का प्रारंभ

Lincoln का पहला उद्घाटन भाषण दक्षिण के प्रति सुलह का स्वर लेकर आया, शांतिपूर्ण समाधान की अपील करते हुए और यह तर्क देते हुए कि अलगाव कानूनी रूप से असंभव था — कि संघ शाश्वत है और कोई भी राज्य एकतरफा उसे नहीं छोड़ सकता। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे संघ के विघटन को स्वीकार नहीं करेंगे और सभी राज्यों में संघीय कानून लागू करने के लिए अपने पद की शक्तियों का उपयोग करेंगे। भाषण का अंत अमेरिकी राजनीतिक वाग्मिता के इतिहास में सबसे मार्मिक अंशों में से एक के साथ हुआ, उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाली "स्मृति की रहस्यमय तारों" की अपील करते हुए और "हमारी प्रकृति के बेहतर फरिश्तों" को पुकारते हुए।

संकट Fort Sumter पर आकर चरम पर पहुँचा — South Carolina के Charleston के बंदरगाह में एक संघीय प्रतिष्ठान। वहाँ Major Robert Anderson के नेतृत्व वाली गैरिसन के पास रसद खत्म हो रही थी। Lincoln के सामने एक विकल्प था: किले को आपूर्ति करें और Confederate हमले का जोखिम उठाएँ, या वापस हट जाएँ और परोक्ष रूप से Confederacy के प्रतिष्ठान पर और बंदरगाह पर संप्रभुता के दावे को मान्यता दें। उन्होंने आपूर्ति भेजने का चुनाव किया। Confederate सेनाओं ने 12 अप्रैल 1861 को किले पर गोलाबारी शुरू की, और Anderson ने चौदह को आत्मसमर्पण कर दिया। गृहयुद्ध शुरू हो गया था।

Lincoln ने Fort Sumter पर हमले के जवाब में विद्रोह को दबाने के लिए पचहत्तर हज़ार स्वयंसेवकों की माँग की। सैनिकों की इस माँग ने Virginia, North Carolina, Tennessee, और Arkansas को Confederacy में शामिल होने के लिए प्रेरित किया — वे झिझक रहे थे, और अपने दक्षिणी भाइयों के खिलाफ हथियार उठाने की बात ने तटस्थता को असंभव बना दिया। लेकिन इसने उत्तरी जनभावना को भी गोलबंद किया। एक संघीय प्रतिष्ठान पर हमले को संयुक्त राज्य अमेरिका पर हमले के रूप में समझा गया, और स्वयंसेवक उत्तर भर में भर्ती केंद्रों में उमड़ पड़े।

सर्वोच्च सेनापति

Black Hawk युद्ध में उनकी संक्षिप्त और रक्तहीन सेवा से परे Lincoln का कोई सैन्य अनुभव नहीं था। वे सैन्य रणनीति या युक्ति के बारे में कुछ नहीं जानते थे। फिर भी संविधान के अनुसार वे सशस्त्र बलों के सर्वोच्च सेनापति थे, और युद्ध के लिए उन्हें रणनीति, रसद, और कार्मिक मामलों में ऐसे निर्णय लेने होंगे जो उसके परिणाम को निर्धारित करेंगे। उन्होंने इन ज़िम्मेदारियों को उसी व्यवस्थित स्वशिक्षा और व्यावहारिक निर्णय के संयोजन से अपनाया जिसने कानून और राजनीति में उनकी सेवा की थी।

उन्होंने सैन्य नियमावली और रणनीति के ग्रंथ पढ़े। उन्होंने नक्शों का जुनूनी रूप से अध्ययन किया। उन्होंने Army of the Potomac का मैदान में दौरा किया, हालात देखे और अफसरों व जवानों से बात की। उन्होंने रणनीति पर अपने विचार विकसित किए, और वे अक्सर अपने जनरलों से आगे थे। उन्होंने अपने अधिकांश सैन्य सलाहकारों से पहले समझ लिया कि यह युद्ध छोटा नहीं होगा, कि Confederacy के पास अपनी ही धरती पर रक्षात्मक युद्ध लड़ने में भारी फायदे हैं, और संघ की जीत के लिए न केवल Confederate सेनाओं को हराना ज़रूरी होगा बल्कि दक्षिण की लड़ाई जारी रखने की क्षमता और इच्छाशक्ति को भी नष्ट करना होगा।

अपने जनरलों के साथ उनके संबंध अक्सर निराशाजनक थे। Eastern Theater में पहले संघ कमांडर George B. McClellan एक शानदार आयोजक थे जिन्होंने 1861 के कच्चे भर्ती सैनिकों को एक पेशेवर सेना में ढाल दिया था, लेकिन वे स्वभाव से आक्रामक आक्रमण में अक्षम थे। उन्हें हमेशा लगता था कि दुश्मन उनसे ताकतवर है, हमेशा देरी के कारण मिल जाते थे, आगे बढ़ने से पहले हमेशा और सैनिकों की माँग करते थे। Lincoln की McClellan की कायरता से बेचैनी बढ़ती गई — वे उन्हें कार्रवाई की माँग करते हुए तेज़ी से तीखे पत्र लिखते रहे, अंततः नवंबर 1862 में उन्हें समग्र कमान से और उसी महीने Army of the Potomac की कमान से हटा दिया।

प्रभावी जनरलों की तलाश युद्ध के पहले वर्षों की परिभाषित चुनौतियों में से एक थी। John Pope को Second Battle of Bull Run में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। Ambrose Burnside ने Army of the Potomac को Fredericksburg में विनाशकारी हार की ओर ले गए। Joseph Hooker को Chancellorsville में Robert E. Lee ने रणनीतिक रूप से मात दी। George Meade ने जुलाई 1863 में महत्त्वपूर्ण Battle of Gettysburg जीती लेकिन पीछे हटती Confederate सेना का पर्याप्त आक्रामकता से पीछा नहीं किया जिससे युद्ध वहीं समाप्त हो सके। Lincoln की प्रसिद्ध शिकायत — "हे ईश्वर, बस इतना ही?" — यह जानने पर कि Meade ने Lee को जाने दिया, उनकी निराशा को व्यक्त करती है।

जिस जनरल की Lincoln को ज़रूरत थी, वे थे Ulysses S. Grant, जो युद्ध की शुरुआत से ही Western Theater में जीत हासिल कर रहे थे। Grant ने फरवरी 1862 में Fort Donelson पर कब्ज़ा किया, Confederate गैरिसन का बिना शर्त आत्मसमर्पण जीता और "Unconditional Surrender Grant" उपनाम कमाया। उन्होंने अप्रैल 1862 में रक्तरंजित Battle of Shiloh जीती। उन्होंने 1863 के वसंत और गर्मियों में शानदार ढंग से सोचे-समझे Vicksburg अभियान का संचालन किया, उस किले वाले शहर पर कब्ज़ा किया जो Mississippi नदी को नियंत्रित करता था और Confederacy को दो भागों में काट दिया। मार्च 1864 में Lincoln ने Grant को Washington बुलाया, उन्हें lieutenant general का पद दिया — एक रैंक जो George Washington के बाद से किसी अमेरिकी अफसर के पास नहीं थी — और उन्हें सभी संघ सेनाओं की कमान दी।

युद्ध के अंतिम वर्ष के लिए Grant की रणनीति थी कि उत्तर की जनशक्ति और संसाधनों में भारी बढ़त का उपयोग करते हुए एक साथ सभी मोर्चों पर Confederacy को पीसते रहें। वे स्वयं Virginia में Lee के खिलाफ Overland Campaign में Army of the Potomac की अगुवाई करेंगे, जबकि Sherman Georgia और Carolinas से गुज़रेंगे, Confederate हृदयभूमि को नष्ट करते हुए। यह अभियान बर्बर रूप से महँगा साबित हुआ — Wilderness में, Spotsylvania में, Cold Harbor में, Grant को भारी नुकसान उठाना पड़ा — लेकिन वे आगे बढ़ते रहे। "मैं इस रास्ते पर तब तक लड़ने का इरादा रखता हूँ चाहे पूरी गर्मी लग जाए," उन्होंने Cold Harbor के बाद War Department को बताया। Lincoln ने उनका साथ दिया, उस राजनीतिक दबाव का प्रतिरोध करते हुए जो उन गर्मियों के शुरुआती हफ्तों के नरसंहार के बाद Grant को हटाने की माँग कर रहा था।

युद्ध कैबिनेट और राजनीतिक नेतृत्व

Lincoln ने अमेरिकी राष्ट्रपतीय इतिहास की सबसे उल्लेखनीय कैबिनेटों में से एक बनाई। उनके विदेश मंत्री William H. Seward, रिपब्लिकन उम्मीदवारी में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे थे और शुरू में उन्हें लगा था कि वे एक कमज़ोर और अनुभवहीन राष्ट्रपति के पीछे असली ताकत होंगे। Seward ने जल्दी ही पाया कि वे गलत थे। Lincoln ने Seward और बाकी कैबिनेट को अपनी स्वाभाविक परोक्षता और हास्य की आड़ में छुपी दृढ़ता के साथ संभाला। वे सलाह सुनते, उसे गंभीरता से तौलते, और फिर अपने फैसले खुद लेते। उनकी कैबिनेट — जिसमें शक्तिशाली अहम और टकराती महत्त्वाकांक्षाओं वाले लोग शामिल थे: Seward, Treasury Secretary Salmon P. Chase जो खुलेआम राष्ट्रपति पद की लालसा रखते थे, Secretary of War Edwin Stanton जो पहले Lincoln को तुच्छ समझते थे और उनके सबसे समर्पित सेवक बन गए — उनकी बनावट से कहीं ज़्यादा प्रभावी ढंग से काम करती रही क्योंकि Lincoln ने एकता का उद्देश्य थोपा बिना राय की एकरूपता माँगे।

उनके निर्णय लेने का तरीका विशिष्ट था। वे शायद ही कभी उसी क्षण निष्कर्ष की घोषणा करते। वे सुनते, एक किस्सा सुनाते, विषय बदलते, और दिनों बाद एक फैसले के साथ लौटते जो स्पष्ट रूप से गहराई से सोचा गया होता। Stanton शिकायत करते थे कि गंभीर क्षणों में मज़ाक करने की Lincoln की आदत अनुचित और अपमानजनक थी। Lincoln का जवाब था कि ये मज़ाक उनके खुद के मानसिक संतुलन के लिए ज़रूरी थे। वे किसी भी वस्तुनिष्ठ माप से अब तक किसी अमेरिकी नेता पर आए सबसे भारी बोझों में से एक उठा रहे थे: लाखों को मारने वाले युद्ध की ज़िम्मेदारी, एक बिखरे गठबंधन का राजनीतिक प्रबंधन, संवैधानिक व्यवस्था का रूपांतरण, और एक पद की रोज़मर्रा की माँगें जो युद्धकाल में कभी थमती नहीं थीं।

कांग्रेस में Radical Republicans के साथ उनका रिश्ता — Thaddeus Stevens, Charles Sumner, और Benjamin Wade जैसे लोग जो मुक्ति और समानता पर तेज़ और ज़्यादा आक्रामक कार्रवाई चाहते थे — जटिल और अक्सर तनावपूर्ण था। वे उन्हें बहुत सतर्क, सीमांत राज्यों की संवेदनाओं के प्रति बहुत झुकाव वाले, और आधे-अधूरे उपायों को स्वीकार करने के लिए बहुत तैयार मानते थे। Lincoln उन्हें बहुत अधीर, राजनीतिक वास्तविकताओं पर कम ध्यान देने वाला, और अच्छे को बेहतर का दुश्मन बनाने का झुकाव रखने वाला मानते थे। यह रिश्ता आपसी निराशा और आपसी निर्भरता का था। Lincoln को युद्ध प्रयास के लिए कांग्रेसी समर्थन बनाए रखने के लिए Radical समर्थन की ज़रूरत थी। Radicals को उनकी दृष्टि के लिए ज़रूरी कानूनों पर Lincoln के हस्ताक्षर चाहिए थे। दोनों पक्षों ने अपने कामकाजी रिश्ते की माँग वाले समझौते किए।

1864 का Wade-Davis Bill, जो Lincoln की अपनी दस-प्रतिशत योजना से कहीं ज़्यादा कड़ी पुनर्निर्माण नीति का प्रस्ताव करता था, इस तनाव को उजागर करता है। Lincoln ने बिल को pocket veto कर दिया और अपने कारण समझाते हुए एक घोषणा जारी की। बिल के प्रायोजकों ने Wade-Davis Manifesto के साथ जवाब दिया, Lincoln पर विधायी अधिकार के सोचे-समझे अपमान का आरोप लगाते हुए और उनसे खुद को अपने कार्यकारी कार्यों तक सीमित रखने की माँग करते हुए। इस प्रसंग ने पुनर्निर्माण पर विधायी और कार्यकारी अधिकार के बीच मूलभूत संवैधानिक तनाव को उजागर किया जो Lincoln की मृत्यु के बाद Andrew Johnson के अधीन फट पड़ा।

Lincoln ने इन राजनीतिक दबावों को अपने मूल उद्देश्यों से समझौता किए बिना संभाला। वे सबसे गहरे अर्थ में एक माहिर राजनेता थे — कोई जोड़-तोड़ करने वाले या षड्यंत्रकारी नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति जो सत्ता को, उसके स्रोतों और सीमाओं को, किसी प्रकृति वैज्ञानिक की सटीकता से समझते थे। वे जानते थे कि कौन सी लड़ाई लड़नी है और कौन सी नहीं। वे जानते थे कब सीधा बोलना है और कब परोक्ष। वे जानते थे कि सही समय का इंतज़ार कैसे करना है। नैतिक गंभीरता और राजनीतिक परिष्कार का वह संयोजन जो उनके नेतृत्व को परिभाषित करता था, किसी भी युग में असामान्य था और अपने समय में असाधारण।

राष्ट्रपति पद का व्यक्तिगत बोझ

White House के वर्षों ने Lincoln पर बहुत भारी व्यक्तिगत कीमत लगाई। युद्ध को संभालने का रोज़ाना का दबाव, पद की माँग करने वालों और अर्ज़ी लगाने वालों की निरंतर माँगें, कांग्रेस के साथ राजनीतिक लड़ाइयाँ, और युद्ध की खबरों का इंतज़ार करने की बेचैनी — सब मिलकर उन्हें प्रत्यक्ष रूप से बूढ़ा करते गए। 1865 में ली गई तस्वीरें एक ऐसे इंसान को दिखाती हैं जो 1861 के Lincoln से दशकों बड़ा दिखता है। वे कम सोते, कम खाते, और लगातार काम करते थे। आगंतुकों को वे बताते थे कि युद्ध में हर हताहत का बोझ वे महसूस करते हैं, कि टकराव से नष्ट हुए परिवारों के बारे में सोचकर उन्हें नींद नहीं आती — एक ऐसा संघर्ष जिसे उन्होंने शुरू नहीं किया था पर जिसे संचालित करने की ज़िम्मेदारी उनकी थी।

White House में उनका पारिवारिक जीवन एक तरफ आश्वस्त करने वाला था तो दूसरी तरफ अतिरिक्त दर्द का स्रोत भी। Mary Todd Lincoln, जो हमेशा भावनात्मक रूप से अस्थिर थीं, राष्ट्रपति पद के दबावों से बहुत जूझीं। उन्होंने White House को शानदार ढंग से सजाया, अपना कांग्रेसी भत्ता ज़्यादा खर्च किया और राजनीतिक आलोचना मोल ली। Kentucky मूल और पारिवारिक संबंधों के आधार पर उन पर Confederate सहानुभूति का संदेह किया गया — एक आरोप जो Lincoln को गुस्से में भर देता और बेतुका लगता था। वे अपने पति के प्रति भी वास्तव में समर्पित थीं और उनके चरित्र और क्षमताओं को उन तरीकों से पहचानती थीं जो दूसरे अक्सर चूक जाते थे।

फरवरी 1862 में उनके ग्यारह वर्षीय बेटे Willie की टाइफाइड से मृत्यु हो गई, जो शायद Potomac नदी के दूषित पानी से हुई थी। Lincoln तबाह हो गए। Willie उनका पसंदीदा बच्चा था, असाधारण रूप से बुद्धिमान और संवेदनशील, एक लड़का जिसने अपने पिता की बौद्धिक प्रतिभा और माँ की गर्मजोशी दोनों विरासत में पाई थीं। Willie की मृत्यु पर Lincoln खुलेआम रोए, जो एक ऐसे इंसान के लिए दुर्लभ था जो आमतौर पर सार्वजनिक रूप से अपनी भावनाओं को नियंत्रित करता था। Mary Todd बिखर गईं। वे इतनी गहरी शोक में डूब गईं जो वर्षों तक रही, उन कमरों में जाने से इनकार किया जहाँ Willie खेला था, और White House में आयोजित आत्मा-आह्वान की सभाओं में शामिल हुईं अपने मृत बेटे से संपर्क करने की कोशिश में।

उनके बड़े बेटे Robert, जो युद्ध के अधिकांश समय Harvard में थे और अंत में Grant के दल में संक्षेप में सेवा की थी, एक अलग तरह की चिंता का स्रोत थे। Robert गंभीर, ज़िम्मेदार, और सक्षम थे, लेकिन व्यक्तित्व में ठंडे — अपने पिता से ज़्यादा अपनी माँ के बेटे। Lincoln ने मज़ाक में कहा कि वे नहीं जानते Robert बाकी परिवार से इतना अलग कैसे निकला। उनके सबसे छोटे बेटे Tad, जिन्हें बोलने में और सीखने में कठिनाई थी, Washington में Lincoln के अंतिम वर्षों का आनंद थे। Tad एक जंगली, शरारती लड़के थे जिनका पूरे White House में आना-जाना था और Willie की मृत्यु के बाद विशेष तीव्रता से अपने पिता से चिपके रहते थे। Lincoln उन्हें पूरी तरह लाड़-प्यार देते थे।

Lincoln की कानूनी विरासत

राष्ट्रपति पद से पहले Lincoln Illinois के सबसे निपुण वकीलों में से एक थे। उनका कानूनी जीवन 1836 में बार में प्रवेश से लेकर 1861 में Washington के लिए प्रस्थान तक पच्चीस वर्षों का था, जिसमें उन्होंने सरल ऋण वसूली से लेकर प्रमुख संवैधानिक मुकदमों तक के मामले लड़े। वे अपनी पीढ़ी के किसी भी अन्य वकील से ज़्यादा बार Illinois Supreme Court के सामने पेश हुए। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के Supreme Court के सामने भी तर्क रखे। उन्होंने आपराधिक और दीवानी दोनों मामले समान दक्षता से संभाले।

उनका सबसे महत्त्वपूर्ण कानूनी कार्य रेलवे अटॉर्नी के रूप में था। उन्होंने Illinois Central Railroad का प्रतिनिधित्व मामलों की एक श्रृंखला में किया जिनमें रेलवे की Illinois काउंटियों के प्रति कर देनदारी शामिल थी — एक सवाल जिसकी वित्तीय दाँव बहुत ऊँची थी। उन्होंने Mississippi नदी के पार पुल निर्माण, स्टीमबोट नौपरिवहन अधिकारों, और रेलवे भूमि अनुदानों से उत्पन्न भूमि स्वामित्व के सवालों से संबंधित मामले भी लड़े। इस कॉर्पोरेट अभ्यास ने Lincoln को आर्थिक रूप से सहज बनाया, हालाँकि वे कभी अमीर नहीं हुए, और इसने उन्हें व्यावसायिक और औद्योगिक विकास की समझ दी जो राष्ट्रपति के रूप में उनकी आर्थिक सोच को प्रभावित करती रही।

वे बार में अपनी ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध थे। वे ऐसे मामले नहीं लेते थे जिन्हें वे गलत मानते, यहाँ तक कि जब मुवक्किल अच्छी फीस की पेशकश करते। वे संभावित मुवक्किलों को मुकदमे के बजाय समझौता करने की सलाह देते जब यह उनके हित में होता, यहाँ तक कि जब मुकदमे से उन्हें ज़्यादा पैसा मिलता। वे किसी मामले के बीच में ही उठकर चले जाने के लिए जाने जाते थे जब उन्हें लगता था कि उनका मुवक्किल गलत है — एक नाटकीय इशारा जो जूरी और जज दोनों को प्रभावित करता था। उनके साझेदार Herndon को याद था कि एक बार एक मुकदमे के बीच में Lincoln को पता चला कि उनके मुवक्किल ने उनसे मामले के तथ्यों के बारे में झूठ बोला था, और उन्होंने मामला Herndon को सौंप दिया और वकील की कुर्सी पर चुपचाप बैठे रहे, उन दलीलों को प्रस्तुत करने से इनकार करते हुए जिन्हें वे बेईमान मानते थे।

कानूनी अनुभव ने उनकी राजनीतिक सोच को मूलभूत तरीकों से आकार दिया। उन्हें सिद्धांत से अनुप्रयोग की ओर तर्क करना, खंडन से पहले विपरीत तर्क की ताकत को स्वीकार करना, और मूलभूत को परिधीय से अलग करना सिखाया गया था। उनके राजनीतिक भाषणों की संरचना कानूनी संक्षेपों जैसी है: वे अपने तर्क व्यवस्थित रूप से बनाते हैं, प्रति-तर्क स्वीकार करते हैं, और ऐसे निष्कर्षों पर पहुँचते हैं जो अपने आधार से स्पष्ट अनिवार्यता के साथ निकलते लगते हैं। Gettysburg Address, सघन जैसा है, एक तर्क-श्रृंखला की संरचना रखता है: यह वह प्रतिज्ञा है जिस पर राष्ट्र की नींव रखी गई; यह वह परीक्षा है जो युद्ध उस प्रतिज्ञा के सामने रखता है; और यह वह काम है जो हमें प्रतिज्ञा का सम्मान करने और परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए करना होगा।

Lincoln और नस्ल

नस्ल के साथ Lincoln का संबंध उनकी विरासत के सबसे विवादित पहलुओं में से है। अपने समय के मानकों पर वे नस्लीय प्रश्नों पर एक नरमपंथी थे — अधिकांश श्वेत उत्तरियों से ज़्यादा प्रगतिशील, उन Radical Republicans से कम जो तत्काल और पूर्ण समानता की माँग करते थे। आधुनिक मानकों से उनके विचार गहरे सीमित और कभी-कभी स्पष्ट रूप से आपत्तिजनक थे।

Lincoln-Douglas बहसों में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे श्वेत और काले लोगों के बीच सामाजिक और राजनीतिक समानता के पक्ष में नहीं हैं, कि वे काले नागरिकता या काले मताधिकार के पक्ष में नहीं हैं, और कि उनका मानना था कि दोनों नस्लें बराबर के रूप में एक साथ नहीं रह सकतीं। उन्होंने तर्क दिया कि काले लोग स्वतंत्रता की घोषणा में सूचीबद्ध अधिकारों के हकदार हैं — जीवन, स्वतंत्रता, और सुख की खोज, जिसमें अपने श्रम के फल का अधिकार शामिल है — लेकिन वे पूर्ण नागरिक समानता की माँग से बहुत पीछे रहे। उन्होंने विभिन्न बिंदुओं पर संदेह व्यक्त किया कि क्या मुक्त काले और श्वेत लोग अमेरिकी समाज में सहअस्तित्व कर सकते हैं, और उन्होंने उपनिवेशीकरण — मुक्त लोगों के अफ्रीका या मध्य अमेरिका में स्वैच्छिक उत्प्रवास — को एक संभावित समाधान के रूप में माना।

ये विचार उनकी राष्ट्रपति की अवधि के दौरान विकसित हुए। युग की सबसे शक्तिशाली अफ्रीकी अमेरिकी आवाज़ों में से एक Frederick Douglass के साथ उनकी मुलाकातों ने उन्हें वास्तव में प्रभावित किया। Douglass ने Lincoln का वर्णन पहले ऐसे श्वेत अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में किया जिनसे मिलकर उन्हें कभी नहीं लगा — न तरीके से न रवैये से — कि वे एक काले इंसान हैं। अपने अंतिम सार्वजनिक भाषण में, हत्या से कुछ दिन पहले, Lincoln ने सीमित काले मताधिकार का समर्थन किया — विशेष रूप से संघ सेना में सेवा करने वाले काले पुरुषों और शिक्षित काले पुरुषों के लिए — किसी भी पूर्व राष्ट्रपति से ज़्यादा प्रगतिशील रुख।

यह सवाल कि क्या उनका विकास जारी रहता, और कितनी दूर तक जाता, अनुत्तरित है। जो कहा जा सकता है वह यह है कि दासता के प्रति उनकी नैतिक गंभीरता वास्तविक थी। उन्हें दासता गहरे तौर पर गलत लगती थी — सिद्धांत में गलत, दोनों दास लोगों और उन्हें बंधन में रखने वाले समाज पर इसके प्रभावों में गलत, उन संस्थापक आदर्शों के विरोधाभास के रूप में गलत जिनका वे आदर करते थे। दासता के प्रति उनकी विरोध-भावना राजनीतिक गणना का नहीं, बल्कि विश्वास का विषय थी, और उन्होंने उस विश्वास पर कार्य करने के लिए अपने पूरे जीवन में भारी राजनीतिक जोखिम स्वीकार किए।

Lincoln और संविधान

गृहयुद्ध के दौरान संविधान के प्रति Lincoln के दृष्टिकोण ने संवैधानिक विशेषज्ञों के बीच विवाद पैदा किया जो आज तक पूरी तरह हल नहीं हुआ। उन्होंने ऐसे कदम उठाए जो सामान्य परिस्थितियों में स्पष्ट रूप से असंवैधानिक रहे होते: कांग्रेसी कार्रवाई के बजाय एकतरफा बंदी प्रत्यक्षीकरण का निलंबन, मोर्चे से दूर के क्षेत्रों में नागरिकों के लिए सैन्य न्यायाधिकरणों को अधिकृत करना, युद्ध की आधिकारिक कांग्रेसी घोषणा से पहले दक्षिणी बंदरगाहों की नाकाबंदी को युद्ध कार्रवाई के रूप में करना, और विशिष्ट कांग्रेसी विनियोग के बिना संघीय धन खर्च करना।

इन कार्रवाइयों का उनका बचाव संविधान के सर्वोच्च सेनापति खंड और तथाकथित युद्ध शक्ति पर आधारित था — युद्धकाल में राष्ट्रपतीय अधिकार की एक विस्तृत व्याख्या जो राष्ट्रपति को विद्रोह को दबाने और संघ की रक्षा के लिए आवश्यक कोई भी उपाय करने की अनुमति देती थी। उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रीय आपातकाल में संवैधानिक रूपों का कठोर पालन आत्मघाती होगा, इसकी तुलना पड़ोसी की संपत्ति में लगी आग बुझाने के लिए अतिचार के विरुद्ध कानून का उल्लंघन करने से इनकार से करते हुए।

Supreme Court ने इन दावों पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ दीं। 1863 के Prize Cases में न्यायालय ने पाँच बनाम चार के संकीर्ण बहुमत से Lincoln की नाकाबंदी को बरकरार रखा, उनका यह तर्क स्वीकार करते हुए कि औपचारिक कांग्रेसी घोषणा के बिना भी युद्ध की स्थिति हो सकती है और राष्ट्रपति को उस पर प्रतिक्रिया करने का अधिकार है। 1866 में Ex parte Milligan में, Lincoln की मृत्यु के बाद तय, न्यायालय ने फैसला दिया कि जहाँ नागरिक अदालतें काम कर रही हों वहाँ नागरिकों के लिए सैन्य न्यायाधिकरण असंवैधानिक हैं — Lincoln की कुछ युद्धकालीन प्रथाओं की प्रत्यक्ष भर्त्सना।

Lincoln की युद्धकालीन अध्यक्षता की व्यापक संवैधानिक विरासत जटिल है। उन्होंने यह दिखाया कि संकट में कार्यकारी शाखा असाधारण ऊर्जा और दृढ़ता से कार्य कर सकती है, और उन्होंने राष्ट्रपतीय शक्ति के ऐसे उदाहरण स्थापित किए जिन्हें बाद के उत्तराधिकारियों ने गृहयुद्ध से कहीं दूर के संदर्भों में भी उद्धृत किया है। उनकी अध्यक्षता जो प्रश्न उठाती है — आपातकाल में कार्यकारी अधिकार की उचित सीमाओं के बारे में, आवश्यकता और संवैधानिकता के रिश्ते के बारे में, और इस बारे में कि कुछ संवैधानिक संरक्षणों को अस्थायी रूप से निलंबित करके संविधान को बचाने का क्या अर्थ है — अमेरिकी संवैधानिक चिंतन में आज भी जीवंत प्रश्न हैं।

युद्ध और उसकी कीमत

गृहयुद्ध अमेरिकी इतिहास का सबसे खूनी संघर्ष था, और Lincoln इसकी कीमत की जानकारी किसी भी अन्य व्यक्ति से ज़्यादा अंतरंगता से लेकर जीते रहे। हताहतों की संख्या किसी भी मानक से भयावह थी: सभी कारणों से छह लाख से अधिक मृत, शायद उससे दोगुने घायल। उत्तर और दक्षिण दोनों में पूरे के पूरे समुदाय युवा पुरुषों की एक पीढ़ी को खोने से तबाह हो गए। Lincoln मृतकों में से कई को आँकड़ों के रूप में नहीं बल्कि व्यक्तियों के रूप में जानते थे — वे युवा जिनके परिवारों ने उन्हें पत्र लिखे, जिनकी माओं ने उनसे बेटों को जेल से रिहा करने या सज़ा माफ करने की भीख माँगी, जिनके पिता White House आए थे युद्ध की खबर लेकर और मदद माँगने।

युद्ध के पूर्वी रंगमंच ने सबसे नाटकीय लड़ाइयाँ और दोनों तरफ के सबसे प्रसिद्ध सेनापति पैदा किए। First और Second Bull Run, Seven Days Battles, और Fredericksburg में शुरुआती संघ की पराजयों ने वह पैटर्न स्थापित किया जिसमें Confederate रणनीतिक प्रतिभा बार-बार बड़ी संघ सेनाओं को निराश करती थी। Robert E. Lee किसी भी माप से दोनों पक्षों में सबसे प्रतिभाशाली मैदानी कमांडर थे, और उनकी Army of Northern Virginia उस तीव्रता और रणनीतिक सृजनशीलता से लड़ी जो युद्ध बढ़ने के साथ बढ़ती भौतिक हीनता की भरपाई करती रही।

17 सितंबर 1862 को Battle of Antietam युद्ध का सबसे खूनी एक दिन था, जिसमें बारह घंटे की लड़ाई में बाईस हज़ार से अधिक हताहत हुए। Lincoln इस परिणाम का इंतज़ार कर रहे थे ताकि मुक्ति उद्घोषणा जारी कर सकें। यह तथ्य कि McClellan Lee की पीछे हटती सेना का इतनी आक्रामकता से पीछा नहीं कर पाए कि उसे नष्ट कर सकें, Lincoln की अपने जनरल के प्रति सबसे गहरी निराशाओं में से एक बना रहा। Antietam में एक ज़्यादा निर्णायक जीत 1862 के अंत में युद्ध समाप्त कर सकती थी।

Gettysburg, 1 से 3 जुलाई 1863 तक लड़ी गई, पूर्व में निर्णायक मोड़ था। George Meade के नेतृत्व में Army of the Potomac ने Lee के उत्तर के दूसरे आक्रमण को रोका। तीन दिनों की लड़ाई में मिलकर पचास हज़ार से अधिक हताहत हुए। तीसरे दिन Pickett's Charge — जिसमें बारह हज़ार से अधिक Confederate सैनिकों ने मज़बूत संघ मोर्चों के विरुद्ध खुले मैदान में हमला किया — ने पचास प्रतिशत से अधिक की हानि और Lee की आक्रामक क्षमता का प्रभावी अंत किया। Meade की पीछे हटती Confederate सेना का पीछा न करने पर Lincoln की निराशा एक उस पत्र में कैद है जो उन्होंने Meade को लिखा — जो Lincoln ने कभी भेजा नहीं, अपने कागज़ों में दर्ज कर दिया।

पश्चिम में, 4 जुलाई 1863 को Vicksburg का पतन — उसी दिन जब Lee ने Gettysburg से पीछे हटना शुरू किया — ने संघ को पूरी Mississippi नदी का नियंत्रण दिया और Confederacy को दो भागों में काट दिया। Vicksburg पर कब्ज़ा करने का Grant का अभियान युद्ध के सबसे शानदार ढंग से सोचे-समझे अभियानों में से एक था, जिसमें किले वाले शहर को अलग-थलग करने के लिए पैंतरेबाज़ी करते हुए अपनी आपूर्ति लाइनें काटकर ज़मीन से गुज़ारा करने का साहसी निर्णय शामिल था। जब Vicksburg के कमांडर John Pemberton ने अपनी उनतीस हज़ार पुरुषों की सेना के साथ आत्मसमर्पण किया, Lincoln ने घोषणा की कि "जल के पिता फिर से बेरोकटोक समुद्र की ओर बह रहे हैं।"

1864 की शरद ऋतु में Georgia से Sherman का मार्च और 1865 के शुरुआती महीनों में Carolinas से गुज़रना युद्ध को उस तरह Confederate हृदयभूमि तक ले गया जैसा कोई पिछला अभियान नहीं कर पाया था। Sherman की "कठोर युद्ध" की अवधारणा — Confederate सेनाओं के साथ निर्णायक मुठभेड़ की तलाश करने के बजाय दक्षिण के बुनियादी ढाँचे और आर्थिक क्षमता को निशाना बनाना — को Lincoln और Grant ने Confederate प्रतिरोध को समाप्त करने के सबसे निश्चित रास्ते के रूप में समर्थन दिया। Sherman की सेना ने Atlanta से Savannah तक साठ मील चौड़ी तबाही की पट्टी काटी, रेलवे, गोदाम, बागान, और युद्ध जारी रखने के भौतिक साधन नष्ट किए। दक्षिणी मनोबल पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव विनाशकारी था।

Lincoln इन अभियानों का जुनूनी रूप से अनुसरण करते, हर घंटे तार प्राप्त करते और अक्सर मोर्चे से समाचार के इंतज़ार में War Department के तार कार्यालय में रात गुज़ारते। उन्होंने सैन्य रणनीति की वास्तविक समझ विकसित की — एक ऐसी समझ जो अक्सर उनके जनरलों से आगे थी — और जब उन्हें लगता था कि सैन्य निर्णय गलत है तो वे उसे बदलने के लिए तैयार थे। जब Overland Campaign जारी रखने पर Grant को हटाने का राजनीतिक दबाव तीव्र था, Lincoln ने उन्हें समर्थन देने पर ज़ोर दिया — यह रणनीतिक संकल्प का एक ऐसा गुण था जो संघ की जीत के लिए अनिवार्य था।

Lincoln और Frederick Douglass

Abraham Lincoln और Frederick Douglass के बीच का रिश्ता अमेरिकी सुधार के इतिहास में सबसे महत्त्वपूर्ण रिश्तों में से एक था। Douglass उस युग के काले स्वतंत्रता और समानता के सबसे शक्तिशाली पैरोकार थे — एक भूतपूर्व दास जो एक प्रसिद्ध वक्ता, पत्रकार, और राजनीतिक विचारक बन गए थे। अगस्त 1863 में Lincoln के साथ उनकी पहली मुलाकात उनकी अपनी माँग पर हुई। Douglass मुक्ति पर Lincoln की धीमी गति की आलोचना करते रहे थे और Confederacy द्वारा पकड़े गए काले सैनिकों के साथ व्यवहार को लेकर चिंतित थे।

Lincoln ने Douglass को बिना किसी औपचारिकता के स्वीकार किया, उनके साथ एक बराबर के इंसान जैसा व्यवहार किया जो Douglass को उल्लेखनीय लगा और जिसका उन्होंने अपनी आत्मकथा में विस्तार से वर्णन किया। Lincoln ने Douglass को बताया कि वे मुक्ति पर इसलिए धीमे रहे क्योंकि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र को साथ लेकर चलना था, लेकिन अब वे इसके प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने Douglass से सलाह माँगी कि दास लोगों को संघ की सीमाओं की ओर भागने के लिए कैसे प्रोत्साहित किया जाए और युद्धबंदी काले सैनिकों के साथ व्यवहार पर चर्चा की। बातचीत स्पष्ट और ठोस थी, दो गंभीर लोग मिलकर एक ज़रूरी समस्या पर सोच रहे थे।

Douglass गहरे प्रभावित हुए। उन्होंने बाद में श्रोताओं को बताया कि Lincoln पहले ऐसे श्वेत अमेरिकी राष्ट्रपति थे जिनके सामने उन्हें कभी हीनता या संरक्षण का भाव नहीं लगा। उन्होंने Lincoln की तुलना सभी सार्वजनिक व्यक्तियों से अनुकूल रूप से की जिन्हें वे जानते थे, श्वेत हो या काले। उनका रिश्ता कभी आसान या निश्शर्त नहीं था — Douglass Lincoln पर तेज़, ज़्यादा कट्टर कार्रवाई के लिए दबाव डालते रहे, और Lincoln नैतिक तात्कालिकता के बजाय राजनीतिक संभावना से निर्धारित गति से आगे बढ़ते रहे। लेकिन दोनों व्यक्ति एक-दूसरे का सम्मान करते थे, और हर एक समझता था कि वे जो लक्ष्य दोनों चाहते थे उसे हासिल करने के लिए दूसरे के सहयोग की ज़रूरत है।

Lincoln के दूसरे उद्घाटन में Douglass भीड़ में उपस्थित थे। बाद में उन्होंने White House में स्वागत समारोह में जाने से रोकने की कोशिश करने वाले गार्डों को पार करके अंदर घुसने पर ज़ोर दिया, एक नागरिक के रूप में उपस्थित होने के अपने अधिकार पर बल देते हुए। Lincoln ने उन्हें भीड़ भरे कमरे में देखा और पुकारा: "यह आते हैं मेरे मित्र Douglass।" उन्होंने Douglass से पूछा कि उद्घाटन भाषण के बारे में उनकी क्या राय है। Douglass ने जवाब दिया कि देश में कोई नहीं है जिसकी राय वे ज़्यादा मानते, और उन्हें लगा कि भाषण एक पवित्र प्रयास था। Lincoln ने उन्हें बताया कि वे खुश हैं कि उन्हें यह पसंद आया।

युद्ध के दौरान विदेश नीति

गृहयुद्ध के दौरान Lincoln का विदेश नीति प्रबंधन संघ की सफलता के लिए महत्त्वपूर्ण था। Confederacy की पूरी राजनयिक रणनीति ब्रिटेन और फ्रांस से मान्यता प्राप्त करने पर टिकी थी — दो यूरोपीय शक्तियाँ जिनके दक्षिणी कपास में मज़बूत आर्थिक हित थे, जिनकी मान्यता Confederacy को वैधता प्रदान करती और संभावित रूप से उस भौतिक समर्थन की ओर ले जाती जो युद्ध का रुख बदल सकता था।

विदेश नीति के दिन-प्रतिदिन के संचालन का प्रबंधन विदेश मंत्री Seward ने किया, लेकिन Lincoln ने इसके व्यापक रूपरेखा को आकार दिया और कभी-कभी सीधे हस्तक्षेप किया। युद्ध का सबसे खतरनाक विदेश नीति संकट नवंबर 1861 में आया, जब एक संघ नौसैनिक अधिकारी ने Trent नाम के एक ब्रिटिश डाक जहाज़ को रोका और दो Confederate राजनयिकों को हटाया जो मान्यता की पैरवी करने के लिए यूरोप जा रहे थे। ब्रिटिश सरकार नाराज़ हो गई, राजनयिकों की रिहाई और माफी की माँग करते हुए अल्टीमेटम जारी किया, और सैन्य व नौसैनिक बल जुटाए। Confederacy से लड़ते हुए ब्रिटेन से युद्ध की संभावना भयावह थी।

Lincoln ने इस संकट को अपनी स्वाभाविक व्यावहारिक बुद्धिमानी से संभाला। वे संघ के नौसैनिक अधिकारी की जल्दबाज़ी भरी कार्रवाई पर गुस्से में थे, लेकिन ब्रिटिश अल्टीमेटम के लहज़े पर भी गुस्से में थे। उन्होंने और Seward ने एक समाधान निकाला: राजनयिकों को इस आधार पर रिहा किया जाएगा कि मूल गिरफ्तारी अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन थी — एक ऐसा सिद्धांत जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका ऐतिहासिक रूप से समर्थन देता आया था — बिना औपचारिक माफी के। इस सूत्र ने दोनों पक्षों को अपमान के बिना पीछे हटने की अनुमति दी। संकट हल हो गया, ब्रिटेन ने Confederacy को मान्यता नहीं दी, और संघ बिना दूसरे मोर्चे के युद्ध जारी रख सका।

मुक्ति उद्घोषणा ने ब्रिटिश और फ्रांसीसी विदेश नीति की गणनाओं में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। ब्रिटिश कपड़ा मज़दूर, जिनके Confederate कारण का समर्थन करने के मज़बूत आर्थिक कारण थे क्योंकि वे दक्षिणी कपास पर निर्भर थे, इसके बजाय संघ का समर्थन किया क्योंकि उन्होंने युद्ध को दासता और स्वतंत्रता के बीच के संघर्ष के रूप में देखा। उद्घोषणा